इटावा, 10 जून 2026। उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत इटावा में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। डिप्टी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (डिप्टी CMO) डॉ. श्रीनिवास यादव को ₹55,000 की रिश्वत लेते हुए उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) कानपुर की ट्रैप टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता ने अपनी पत्नी के नाम से एक अल्ट्रासाउंड क्लीनिक खोलने के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि आवेदन की फाइल आगे बढ़ाने और अनुमति देने के बदले डिप्टी CMO द्वारा ₹55,000 की रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था, जिसके बाद उसने सतर्कता अधिष्ठान कानपुर सेक्टर में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत की जांच के बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया और 10 जून 2026 को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, इटावा में डॉ. श्रीनिवास यादव को ₹55,000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।
इस कार्रवाई ने स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आम जनता का कहना है कि यदि लाइसेंस और अनुमतियों के लिए अधिकारियों को रिश्वत देनी पड़े तो सरकार की भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के दावों पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
रिपोर्ट: ASP 24 NEWS








