हरियाणा में दूध के दाम बढ़ने की तैयारी! ₹100 लीटर हो सकता है भैंस का दूध, किसानों की सरकार से बड़ी मांग
चंडीगढ़/हरियाणा।
देश में महंगाई का असर एक बार फिर आम लोगों की जेब पर पड़ता दिखाई दे रहा है। 1 सितंबर 2026 से जहां देश के अलग-अलग हिस्सों में कई चीजों की कीमतों में बदलाव देखने को मिला है, वहीं मुंबई में भैंस के खुले दूध की थोक कीमत में भी बड़ा इजाफा हुआ है। मुंबई में भैंस के दूध की थोक कीमत 93 रुपये से बढ़कर 102 रुपये प्रति लीटर हो गई है। यह बढ़ोतरी पशु चारा, परिवहन और पशुपालन की बढ़ती लागत के बीच हुई है।
मुंबई में दूध महंगा होने के बाद अब हरियाणा से भी दूध की कीमत को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां पशुपालक और डेयरी संचालक दूध के मौजूदा भाव को बढ़ाकर 100 रुपये प्रति लीटर करने की मांग कर रहे हैं। अगर यह मांग लागू होती है तो हरियाणा में दूध खरीदने वाले लोगों के घरेलू बजट पर सीधा असर पड़ सकता है।
किसानों का तर्क—दूध उत्पादन की लागत लगातार बढ़ रही
पशुपालकों का कहना है कि पशुओं को पालने का खर्च लगातार बढ़ रहा है। पशु चारा, खली, दाना, हरा चारा, पशुओं की देखभाल, दवाइयां और परिवहन जैसी लागत में बढ़ोतरी होने से दूध उत्पादन पहले के मुकाबले महंगा हो गया है।
किसानों का कहना है कि अगर दूध का उचित भाव नहीं मिलेगा तो पशुपालन का काम करना मुश्किल होता जाएगा। ऐसे में उनकी मांग है कि दूध की कीमत ऐसी तय हो जिससे पशुपालकों को उनकी मेहनत और लागत का उचित मूल्य मिल सके।
₹100 लीटर दूध हुआ तो आम आदमी पर कितना असर?
अगर हरियाणा में भैंस के दूध का भाव 100 रुपये प्रति लीटर तक पहुंचता है, तो इसका असर केवल दूध तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। दूध से बनने वाले दही, पनीर, घी, मिठाई, लस्सी और अन्य डेयरी उत्पादों की लागत भी बढ़ सकती है।
खासकर त्योहारों के समय दूध और उससे बने उत्पादों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में दूध की कीमत में बढ़ोतरी का असर दुकानदारों से लेकर उपभोक्ताओं तक दिखाई दे सकता है।
मुंबई के बाद हरियाणा पर नजर
मुंबई में 1 सितंबर से भैंस के खुले दूध की थोक कीमत 102 रुपये प्रति लीटर हो चुकी है। रिपोर्टों के मुताबिक यह बढ़ोतरी पशु आहार और चारे की बढ़ती लागत के बीच की गई है। मुंबई में नई थोक दर 28 फरवरी 2027 तक लागू रहने की बात कही गई है।
इसी बीच हरियाणा में भी पशुपालकों की ओर से दूध का भाव 100 रुपये प्रति लीटर करने की मांग सामने आने के बाद इस मुद्दे ने जोर पकड़ लिया है।
क्या सरकार बढ़ाएगी दूध का भाव?
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या हरियाणा सरकार पशुपालकों की इस मांग को स्वीकार करेगी? अभी ₹100 प्रति लीटर को पूरे हरियाणा में लागू सरकारी कीमत बताना सही नहीं होगा। उपलब्ध रिपोर्टों में इसे पशुपालकों और डेयरी संचालकों की मांग/तैयारी के तौर पर बताया गया है।
अगर सरकार या संबंधित डेयरी संस्थाएं इस मांग पर कोई आधिकारिक फैसला लेती हैं, तो उसके बाद दूध के नए भाव और लागू होने की तारीख स्पष्ट होगी।
दूध महंगा हुआ तो डेयरी कारोबार पर भी पड़ेगा असर
दूध की कीमत बढ़ने का असर डेयरी कारोबार पर भी पड़ सकता है। दूध खरीदने की लागत बढ़ने पर दुकानदारों और डेयरी संचालकों को अपने उत्पादों के दामों में बदलाव करना पड़ सकता है।
दूसरी तरफ किसानों का तर्क है कि यदि उन्हें दूध का बेहतर भाव मिलता है तो इससे पशुपालन को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।
आम जनता के सामने दोहरी चुनौती
एक तरफ पशुपालक बढ़ती लागत के कारण दूध का उचित मूल्य मांग रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आम उपभोक्ता पहले से ही महंगाई का सामना कर रहा है। ऐसे में दूध के दाम बढ़ने की खबर ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
अब देखना होगा कि हरियाणा में सरकार और पशुपालकों के बीच इस मुद्दे पर क्या सहमति बनती है और क्या वास्तव में भैंस के दूध का भाव 100 रुपये प्रति लीटर तक पहुंचता है।
फिलहाल इतना स्पष्ट है कि हरियाणा में ₹100 प्रति लीटर दूध की चर्चा पशुपालकों की मांग के कारण तेज हुई है, लेकिन इसे अभी पूरे राज्य में लागू नई सरकारी दर नहीं माना जा सकता।








