बिल्कुल। इस खबर पर 8–10 मिनट का लॉन्ग YouTube वीडियो इस तरह बना सकते हैं। इसमें भाषा न्यूज़ एंकर वाली रखी गई है और अखिलेश यादव के बयान को तथ्य के रूप में रखा गया है।
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राम गोविंद चौधरी के निधन से सपा में शोक, अखिलेश यादव हुए भावुक | बोले- समाजवादी आंदोलन को बड़ी क्षति
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“नहीं रहे राम गोविंद चौधरी!”
अखिलेश यादव हुए भावुक
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🎙️ INTRO
नमस्कार, आप देख रहे हैं ASP 24 NEWS।
उत्तर प्रदेश की राजनीति से इस वक्त एक दुखद खबर सामने आई है।
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी का 25 सितंबर 2026 को लखनऊ के एसजीपीजीआई में निधन हो गया।
उनके निधन की खबर सामने आते ही समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ गई।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी राम गोविंद चौधरी को अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंचे। अखिलेश यादव ने उनके राजनीतिक जीवन और समाजवादी आंदोलन में योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका जाना समाजवादी पार्टी और समाजवादी आंदोलन के लिए बड़ी क्षति है।
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🎙️ राम गोविंद चौधरी कौन थे?
राम गोविंद चौधरी का जन्म 9 जुलाई 1953 को बलिया जिले के सिकंदरपुर क्षेत्र में हुआ था।
उनका राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ। वर्ष 1972 में वे टाउन कॉलेज छात्रसंघ के महामंत्री और 1974 में अध्यक्ष चुने गए।
आपातकाल के दौरान उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए आंदोलन किया और जेल भी गए। रिपोर्टों के मुताबिक वह करीब 24 महीने जेल में रहे। इसी दौर में उनका संपर्क समाजवादी आंदोलन के प्रमुख नेताओं से हुआ।
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🎙️ चंद्रशेखर से मुलाकात और समाजवादी राजनीति
राम गोविंद चौधरी का संबंध पूर्व प्रधानमंत्री और समाजवादी नेता चंद्रशेखर से भी रहा।
जेल से रिहाई के दौरान बलिया में चंद्रशेखर से उनकी मुलाकात हुई। इसके बाद दोनों के बीच राजनीतिक और वैचारिक संबंध मजबूत हुए।
राम गोविंद चौधरी ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में समाजवादी आंदोलन से जुड़े कई नेताओं के साथ काम किया और उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई।
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🎙️ आठ बार विधानसभा पहुंचे
राम गोविंद चौधरी का सबसे बड़ा राजनीतिक आधार बलिया रहा।
वह आठ बार विधायक चुने गए। उन्होंने अलग-अलग समय में चिलकहर और बांसडीह विधानसभा क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व किया।
वर्ष 1977 में उन्होंने पहली बार विधानसभा चुनाव जीता। इसके बाद उनका राजनीतिक सफर लगातार आगे बढ़ता गया।
उन्होंने उत्तर प्रदेश की अलग-अलग सरकारों में मंत्री पद की जिम्मेदारी भी संभाली।
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🎙️ मंत्री से नेता प्रतिपक्ष तक
राम गोविंद चौधरी ने उत्तर प्रदेश सरकार में कई महत्वपूर्ण विभाग संभाले।
2012 में अखिलेश यादव के नेतृत्व में बनी सरकार में उन्हें बेसिक शिक्षा तथा बाल विकास एवं पुष्टाहार जैसे विभागों की जिम्मेदारी मिली। बाद में उन्होंने समाज कल्याण और पंचायती राज जैसे विभाग भी संभाले।
2017 के विधानसभा चुनाव के बाद उन्हें उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाया गया। वर्ष 2017 से 2022 तक उन्होंने इस जिम्मेदारी को निभाया।
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🎙️ अखिलेश यादव ने क्या कहा?
राम गोविंद चौधरी के निधन के बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
इसके बाद अखिलेश यादव उनके आवास पहुंचे और पार्थिव शरीर पर समाजवादी पार्टी का झंडा रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
अखिलेश यादव ने राम गोविंद चौधरी के साथ अपने लंबे राजनीतिक अनुभव को याद किया।
उन्होंने कहा कि उन्होंने राम गोविंद चौधरी को सदन में मंत्री के रूप में और जनता के बीच नेता के रूप में काम करते हुए देखा था। नेता प्रतिपक्ष के रूप में भी उन्होंने सरकार के सामने मुद्दों को प्रभावी ढंग से रखा।
अखिलेश यादव के अनुसार, राम गोविंद चौधरी गरीबों, किसानों और समाज के कमजोर वर्गों के साथ खड़े रहते थे और उनका जाना समाजवादी पार्टी के लिए एक बड़ी क्षति है।
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🎙️ विधानसभा में उनकी भूमिका
राम गोविंद चौधरी की पहचान सिर्फ एक विधायक या मंत्री के तौर पर नहीं थी। वह विधानसभा में विपक्ष की आवाज के रूप में भी सक्रिय रहे।
अखिलेश यादव ने उन्हें याद करते हुए कहा कि जब समाजवादी पार्टी के पास विधानसभा में 50 विधायक भी नहीं थे, तब भी राम गोविंद चौधरी अपनी आवाज मजबूती से उठाते थे।
उनके वक्तव्य और तर्कों को सदन में ध्यान से सुना जाता था।
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🎙️ मुख्यमंत्री योगी ने भी जताया दुख
राम गोविंद चौधरी के निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी शोक व्यक्त किया।
उन्होंने उन्हें उत्तर प्रदेश विधानसभा का पूर्व नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मंत्री बताते हुए श्रद्धांजलि दी तथा शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
इस तरह राम गोविंद चौधरी के निधन पर अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं ने शोक व्यक्त किया।
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🎙️ अंतिम श्रद्धांजलि
लखनऊ में राम गोविंद चौधरी के आवास पर बड़ी संख्या में राजनीतिक नेता और समर्थक पहुंचे।
अखिलेश यादव ने उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने पार्थिव शरीर पर समाजवादी पार्टी का झंडा रखा और नमन किया।
बलिया से लेकर लखनऊ तक उनके समर्थकों और राजनीतिक सहयोगियों में शोक का माहौल देखने को मिला।
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तो कुल मिलाकर, राम गोविंद चौधरी का राजनीतिक जीवन छात्र राजनीति से शुरू होकर विधानसभा, मंत्री पद और नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी तक पहुंचा।
25 सितंबर 2026 को उनके निधन के साथ उत्तर प्रदेश की राजनीति ने एक अनुभवी समाजवादी नेता को खो दिया।
अखिलेश यादव ने उनके निधन को समाजवादी पार्टी और समाजवादी आंदोलन के लिए बड़ी क्षति बताया है।
राम गोविंद चौधरी को ASP 24 NEWS की ओर से भावपूर्ण श्रद्धांजलि।
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समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी का 25 सितंबर 2026 को लखनऊ के एसजीपीजीआई में निधन हो गया। उनके निधन पर अखिलेश यादव समेत कई नेताओं ने श्रद्धांजलि दी। इस वीडियो में जानिए राम गोविंद चौधरी का राजनीतिक सफर, छात्र राजनीति से विधानसभा तक का सफर, मंत्री पद और नेता प्रतिपक्ष के रूप में उनकी भूमिका तथा अखिलेश यादव ने उनके निधन प